पारंपरिक देव स्नान (जलाभिषेक) अनुष्ठान दिवाली के आठवें दिन संपन्न किया जाता है।
पारंपरिक देव स्नान (जलाभिषेक) अनुष्ठान दिवाली के आठवें दिन संपन्न किया जाता है।
भूरेश्वर महादेव (भूरिश्रृंग) की पवित्र देव यात्रा एवं पारंपरिक दिव्य शोभा यात्रा
देवता की पवित्र ज्योति, पारंपरिक अनुष्ठानों, आरती और स्थानीय देव उपासना संस्कृति की एक झलक।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने क्वागधार, सिरमौर स्थित भूरेश्वर महादेव (भूरिश्रृंग) मंदिर के दर्शन किए।
भूरेश्वर महादेव की प्राचीन देव परंपरा से जुड़ा पवित्र प्रारंभिक अनुष्ठान
श्री कर्मचंद कौशिक, प्रधान पुजारी (मुआफीदार) को देवता की पगड़ी पहनाकर वंशानुगत अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
भूरेश्वर महादेव की दिव्य देव यात्रा | सिरमौर की जीवंत धरोहर
भूरेश्वर महादेव की परंपराओं के लेखक एवं शोधकर्ता, आचार्य डॉ. मनोज शर्मा के साथ विशेष साक्षात्कार
आचार्य डॉ. मनोज शर्मा (देवा जी) के मुखारविंद से दिव्य शिव महापुराण कथा का श्रवण करें
दिव्य देव यात्रा के दौरान पुजारली पूजास्थली के दर्शन
देवता भूरेश्वर महादेव की दैनिक पूजा और पवित्र सेवा
देव यात्रा के दौरान दिव्य अग्नि अनुष्ठान | पुजारली पूजास्थली
दिव्य शिला के पवित्र दैनिक अनुष्ठान | हिमाचल की प्राचीन देव परंपरा
भूरेश्वर महादेव मंदिर, क्वागधार, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
मंदिर सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहता है।
निर्धारित क्षेत्रों में ही फोटोग्राफी की अनुमति है।
कृपया शांति बनाए रखें और इस स्थान की पवित्रता का सम्मान करें।